जीवो जीवप्रदाता च द्वव्यदाता च चन्द्रमा । तेजोदाता भवेत्ससूर्य भूमिदाता महिसुतः ॥ जीवहीना मृता कन्या सूर्यहीनो मृतो वरः। चन्द्रहीने राता लक्ष्मीः, स्थान हानि कुयोना ।।
वृहस्पति जीव के दाता (सन्तान के दाता) हैं, चन्द्रमा धन के देने वाले, सूर्य तेज के दाता हैं, मंगल भूमि व भवन के दाता हैं । यदि वृहस्पति बलहीन हो तो कन्या की मृत्यु और सूर्य बलहीन हो तो वर की मृत्यु हो । यदि चन्द्रमा हीनबल हो तो धन की हानि और यदि मंगल बलहीन हो तो भूमि व भवन का नाश करने वाला होता हैं ।